पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

परिचय

दूरस्थ पूर्वी क्षेत्रों के विकास के लिए, राज्य सरकार ने राजधानी (लखनऊ) से एक और एक्सप्रेसवे बनाने की परियोजना तैयार की है जो आजमगढ़ से होते हुए पूर्वी क्षेत्रों से जुड़ा होगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र न सिर्फ प्रदेश के अन्य शहरों से जुड़ जाएंगे बल्कि अन्य एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश की राजधानी से भी जुड़ जाएंगे।

परियोजना के प्रमुख विशेषताएं

जहां से एक्सप्रेसवे शुरु होता है।

एनएच-56 के साथ बना हुआ रोड क्रॉस सेक्शन के पास चंद सरई (जिला लखनऊ) में।

जहां पर एक्सप्रेसवे खत्म होता है।

एनएच-19 पर ग्राम कासुपुर के नजदीक, जिला गाजीपुर में।

विशेषताएं

  • अनुमानित कुल लंबाई- 353.406 किमी
  • अनुमानित यात्रा का समय- 4:30-5 घंटे
  • चौड़ाई - 120 मीटर
  • कैरेजवे - 6 लेन (8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है
  • सर्विस रोड का प्रावधान
  • आच्छादित जिले- लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर
  • पूर्णतः एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे
  • पदयात्रियों, वाहनों और जानवरों के लिए अंडरपास का प्रावधान

परियोजना पैकेज

परियोजना को 8 पैकेजों में विभाजित करने का प्रस्ताव है।

लिंक रोड

एक्सप्रेसवे को वाराणसी से एक अलग लिंक से जोड़ा जाना प्रास्तावित है।

कार्यान्वयन की विधि

अभियंत्रण, प्रोक्योरमेंट और निर्माण (ईपीसी) पर परियोजना को कार्यान्वयन किया गया है।

परियोजना के फायदे

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही प्रदेश के पूर्वी शहर प्रदेश की राजधानी के साथ-साथ अन्य एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश की राजधानी से भी जुड़ जाएंगे, जिससे पूर्वांचल के शहरों से ट्रांसपोर्ट में काफी हद तक सुविधा मिल सकेगी। यह एक्सप्रेसवे वर्तमान के 'आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे' और मौजूदा 'यमुना एक्सप्रेसवे' से भी जुड़ जाएगा।

एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होने के कारण, यह ईंधन बचत, समय बचत और प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेगा और साथ ही इससे दुर्घटनाएं होने के आसार भी कम हो जाएंगे।

इस एक्सप्रेसवे द्वारा आच्छादित क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से विकसित होने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और अन्य औद्योगिक विकास को भी काफी प्रोत्साहन मिलेगा।

एक्सप्रेसवे के नजदीकी क्षेत्रों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, शैक्षिक संस्थान, स्वास्थ्य संस्थान, नए शहर और विभिन्न वाणिज्यिक केंद्रों को स्थापित किया जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और बढ़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के आर्थिक/सामाजिक विकास को भी काफी हद तक प्रोत्साहन मिलेगा।

क्षेत्र के कृषि, वाणिज्यिक, पर्यटन और औद्योगिक विकास में एक्सप्रेसवे का निर्माण मील का पत्थर साबित होगा।

प्रस्तावित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ जाने के फलस्वरूप यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचली शहरो के आद्यौगिक विकास का प्रवेश द्वार साबित होगा, जिससे पश्चिमी शहरों से ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी में काफी मदद मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना से जुड़े शहरों का सर्वागींण विकास होगा।


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