संचालित परियोजनाएं

"आगरा से लखनऊ एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे (ग्रीनफील्ड) परियोजना"

  • परियोजना की कुल लागत: रुपए 11526.73 करोड़ (भूमी लागत के अतिरिक्त)
  • काम शुरु होने की तिथी: फरवरी 2015
  • समाप्त होने का प्रस्तावित समय: 36 महीना
  • समाप्त होने का अनुमानित समय: 22-24 महीना

अनुबंध समझौते के अनुसार, परियोजना के निर्माण या समाप्त करने का समय 36 माह है। हालांकि यह पूरी कोशिश की जा रही है कि इस परियोजना को 22 से 24 महीनों (नवंबर 2016) में ही समाप्त कर दिया जाए।

परियोजना में प्रस्तावित प्रमुख सुविधाएं:

  • एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे में सीमित प्रवेश/निकास सुविधाएं होंगी।
  • कैरेजवे- 06 लेन विभाजित कैरेजवे (08 लेन तक बढ़ाया जा सकता है)।
  • लखनऊ और आगरा के बीच की दूरी का समय लगभग 3.5 घंटे तक घट जाने की संभावनाएं हैं।
  • प्रमुख सड़क हेतु इंटरचेंज, पदयात्रियों और जानवरों के लिए अंडर पास की सुविधा।
  • एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर सर्विस रोड का प्रावधान और एक्सप्रेसवे पर बड़े पुल, रेल ओवर ब्रिज और शॉपिंग आर्केड की भी सुविधा अपेक्षित है।
  • एक्सप्रेसवे के दोनों ओर चार जगहों पर प्रसाधन, पेट्रोल पंप, सर्विस स्टेशन, रेस्टोरेंट और शॉपिंग आर्केड के साथ-साथ अन्य सुविधाएं प्रदान करने का भी प्रावधान है।
  • एक्सप्रेसवे को इस प्रकार बनाया गया है कि यह एयरस्ट्रिप का प्रावधान है जिससे आपातकालीन परिस्तिथियों में यहां फाईटर प्लेन की लैंडिंग और टेक ऑफ कराया जा सके।
  • अग्रिम टैरिफ प्रबंध प्रणाली जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कॉल बॉक्स (ईसीबी), डिजिटल मैसेज स्क्रीन, वीडियो मॉनिटरिंग एण्ड इंसिडेंट डिटेक्शन प्रणाली, जीपीएस आधारित एंबुलेंस सेवा आदि शामिल है।
  • रोशनी प्रायोजन हेतु ग्रीन ऊर्जा (सोलर) का इस्तेमाल।
  • एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट की स्थापना और बारिश के पानी हेतु संचयन की सुविधा।
  • दो जगहों पर मंडी की स्थापना (कन्नौज और मैनपुरी), जहां से एक्सप्रेसवे तक पहुंचा जा सके।

समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

परिचय

दूरस्थ पूर्वी क्षेत्रों के विकास के लिए, राज्य सरकार ने राजधानी (लखनऊ) से एक और एक्सप्रेसवे बनाने की परियोजना तैयार की है जो आजमगढ़ से होते हुए पूर्वी क्षेत्रों से जुड़ा होगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र न सिर्फ प्रदेश के अन्य शहरों से जुड़ जाएंगे बल्कि अन्य एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश की राजधानी से भी जुड़ जाएंगे।

परियोजना के प्रमुख विशेषताएं

जहां से एक्सप्रेसवे शुरु होता है।

एनएच-56 के साथ बना हुआ रोड क्रॉस सेक्शन के पास चंद सरई (जिला लखनऊ) में।

जहां पर एक्सप्रेसवे खत्म होता है।

एनएच-19 पर ग्राम कासुपुर के नजदीक, जिला गाजीपुर में।

विशेषताएं

  • अनुमानित कुल लंबाई- 353.406 किमी
  • अनुमानित यात्रा का समय- 4:30-5 घंटे
  • चौड़ाई - 120 मीटर
  • कैरेजवे - 6 लेन (8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है
  • सर्विस रोड का प्रावधान
  • अच्छादित जिले- लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर
  • पूर्णतः एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे
  • पदयात्रियों, वाहनों और जानवरों के लिए अंडरपास का प्रावधान

परियोजना पैकेज

परियोजना को 8 पैकेजों में विभाजित करने का प्रस्ताव है।

लिंक रोड

एक्सप्रेसवे को वाराणसी से एक अलग लिंक से जोड़ा जाना प्रास्तावित है।

कार्यान्वयन की विधि

अभियंत्रण, प्रोक्योरमेंट और निर्माण (ईपीसी) पर परियोजना को कार्यान्वयन किया गया है।

परियोजना के फायदे

समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही प्रदेश के पूर्वी शहर प्रदेश की राजधानी के साथ-साथ अन्य एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश की राजधानी से भी जुड़ जाएंगे, जिससे पूर्वांचली शहरों से ट्रांसपोर्ट में काफी हद तक सुविधा मिल सकेगी। यह एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन ‘आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे’ और मौजूदा ‘यमुना एक्सप्रेसवे’ से भी जुड़ जाएगा।

एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होने के कारण, यह ईंधन बचत, समय बचत और प्रदूषण नियंत्रण में काफी हद तक मदद करेगा और साथ ही इससे दुर्घटनाएं होने के आसार भी कम हो जाएंगे।

इस एक्सप्रेसवे द्वारा अच्छादित क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से विकासशील होने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और अन्य औद्योगिक विकास को भी काफी हद तक प्रोत्साहन मिलेगा।

एक्सप्रेसवे के नजदीकि क्षेत्रों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाएं, शैक्षिक संस्थाएं, स्वास्थ्य संस्थाएं, नए शहर और विभिन्न वाणिज्यिक केंद्रों को स्थापित किया जा सकता है, जिनके परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर और बढ़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदेश के आर्थिक/सामाजिक विकास को भी काफी हद तक प्रोत्साहन मिलेगा।

क्षेत्र में कृषि, वाणिज्यिक, पर्यटन और औद्योगिक विकास के लिए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण मील का पत्थर साबित होगा, जिससे कृषि, औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को राज्य और राष्ट्रीय राजधानी से काफी सुविधा प्राप्त होगी।

यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे और मौजूदा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पूर्वांचली शहरों के लिए औद्योगिक क्षेत्र में एक प्रवेश द्वार साबित होगा, जिससे पश्चिमी शहरों से ट्रांसपोर्ट में काफी मदद मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप शहरों के साथ-साथ प्रदेश का भी विकास होगा।