उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (ग्रीनफील्ड) परियोजना

1. "आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे (ग्रीनफील्ड) परियोजना"

  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की लम्बाई 302.222 किमी0 है। यह एक्सप्रेसवे प्रवेश नियंत्रित एवं एलीवेटेड है।एक्सप्रेसवे पर प्रवेश/निकासी हेतु इण्टरचेंज का निर्माण किया गया है।
  • प्रवेश नियंत्रित 06 लेन एक्सप्रेसवे (08 लेन में विस्तारणीय) सभी स्ट्रक्चर्स 08 लेन चैड़ाई के निर्मित हैं।
  • आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित (ग्रीनफील्ड) एक्सप्रेसवे आगरा (आगरा इनर रिंग रोड) से प्रारम्भ होकर जनपद फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव होते हुए लखनऊ में मोहान रोड पर ग्राम सरोसा-भरोसा में समाप्त होता है।
  • एक्सप्रेसवे पर कुल 13 दीर्घ सेतु का निर्माण किया गया है, जिनमें गंगा नदी पर 750 मी0 लम्बाई का तथा यमुना नदी पर 515 मी0 लम्बाई का सेतु सम्मिलित है।
  • एक्सप्रेसवे पर लखनऊ एवं आगरा के निकट 02 मुख्य टोल प्लाजा का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त इण्टरचेंज पर रैम्प प्लाजा का निर्माण किया गया है।
  • एक्सप्रेसवे पर मुख्य मार्गों की क्रासिंग एवं आवश्यकतानुसार अन्य स्थलों पर कुल 17 इण्टरचेंज का निर्माण एक्सप्रेसवे पर प्रवेश/निकासी हेतु किया गया है।
  • एक्सप्रेसवे की पूर्ण लम्बाई में स्थानीय जनता की सुविधा हेतु एक्सप्रेसवे के एक तरफ स्टैगर्ड रूप में सर्विस रोड का निर्माण किया गया। दीर्घ सेतु एवं आर0ओ0बी0 के भाग में सर्विस रोड का निर्माण नहीं किया गया है।
  • एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा के लिये लखनऊ से 75 किमी0 एवं 198 किमी0 की दूरी पर तथा आगरा से 101 किमी0 एवं 218 किमी0 की दूरी पर कुल 04 वेसाइड एमेनिटीज एरिया विकसित किये गये हैं। प्रत्येक वेसाइड एमेनिटीज एरिया पर खान-पान, पेयजल एवं शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त वाहनों की पार्किंग/मरम्मत एवं यात्रियों के विश्राम हेतु कक्षों एवं डाॅरमेट्री की सुविधा भी उपलब्ध है। प्रत्येक वेसाइड एमेनिटीज पर आई0ओ0सी0एल0 एवं रिलायन्स द्वारा 02-02 फ्यूल स्टेशन का संचालन किया जा रहा है।
  • ट्रैफिक की सुरक्षा हेतु यूपीडा द्वारा एक्सप्रेसवे पर 15 इनोवा वाहनों को 24 घण्टे पेट्रोलिंग करने हेतु तैनात किया गया है, जिन पर कुल 120 भूतपूर्व सैनिक की तैनाती की गयी है। इनका दायित्त्व दुर्घटना की स्थिति में घायलों को मदद पहुँचाना तथा सम्बन्धित अधिकारियों को सूचित करना है। इसके अतिरिक्त एक्सप्रेसवे के टोल कलेक्शन एजेन्सी मे0 ईगल इन्फ्रा द्वारा भी पेट्रोलिंग हेतु 10 वाहन संचालित किये जा रहे हैं।
  • ट्रैफिक की सुरक्षा हेतु यूपी-112 पुलिस द्वारा पीआरवी वाहन गस्त हेतु लगाये गये हैं।
  • ट्रैफिक को सुगम एवं सुरक्षित रखने की दृष्टि से एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अन्तर्गत प्रथम चरण में प्रत्येक 4 कि0मी0 पर इमरजेंसी कॉल बाॅक्स (कुल-152), 50 सी0सी0 टी0वी0 कैमरा, 10 गति मापक एवं नम्बर प्लेट रिकार्ड करने वाले कैमरे तथा 34 एटीसीसी लगाये गये हैं।
  • एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की स्थिति में घायलों को अस्पताल पहुँचाने की सुविधा हेतु 04 एम्बुलेन्स यूपीडा द्वारा लगाये गये हैं। इसके अतिरिक्त एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन एजेन्सी मे0 ईगल इन्फ्रा द्वारा भी 05 एम्बुलेंस लगाये गये हैं।
  • एक्सप्रेसवे से आवारा पशुओं को हटाने के लिए यूपीडा द्वारा एक एजेन्सी को तैनात किया गया है।
  • एक्सप्रेसवे पर वाहनों के गति नियंत्रण हेतु आगरा एवं लखनऊ के समीप स्थित टोल प्लाजा के मध्य वाहनों की औसत गति के आधार पर ओवस्पीडिंग करने वाले वाहनों का चालान किया जा रहा है।
  • परियोजना की कुल लागत: रुपए 11526.73 करोड़ (भूमि लागत के अतिरिक्त)
  • काम शुरु होने की तिथि: फरवरी 2015
  • समाप्त होने का प्रस्तावित समय: 36 महीना
  • समाप्त होने का अनुमानित समय: 22-24 महीना

अनुबंध समझौते के अनुसार, परियोजना के निर्माण या समाप्त करने का समय 36 माह था। इस परियोजना का उद्घाटन 21.11.2016 को किया जा चुका है।

परियोजना में प्रस्तावित प्रमुख सुविधाएं:

  • एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे में सीमित प्रवेश/निकास सुविधाएं होंगी।
  • कैरेजवे- 06 लेन विभाजित कैरेजवे (08 लेन तक बढ़ाया जा सकता है)
  • लखनऊ और आगरा के बीच की दूरी का समय लगभग 3.5 घंटे तक घट जाने की संभावनाएं हैं।
  • प्रमुख सड़क हेतु इंटरचेंज, पदयात्रियों और जानवरों के लिए अंडर पास की सुविधा।
  • एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर सर्विस रोड का प्राविधान और एक्सप्रेसवे पर बड़े पुल, रेल ओवर ब्रिज और शॉपिंग आर्केड की भी सुविधा अपेक्षित है।
  • एक्सप्रेसवे के दोनों ओर चार जगहों पर प्रसाधन, पेट्रोल पंप, सर्विस स्टेशन, रेस्टोरेंट और शॉपिंग आर्केड के साथ-साथ अन्य सुविधाएं प्रदान करने का भी प्रावधान है।
  • एक्सप्रेसवे को इस प्रकार बनाया गया है कि यह एयरस्ट्रिप का प्रावधान है जिससे आपातकालीन परिस्तिथियों में यहां फाईटर प्लेन की लैंडिंग और टेक ऑफ कराया जा सके।
  • अग्रिम टैरिफ प्रबंध प्रणाली जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कॉल बॉक्स (ईसीबी), डिजिटल मैसेज स्क्रीन, वीडियो मॉनिटरिंग एण्ड इंसिडेंट डिटेक्शन प्रणाली, जीपीएस आधारित एंबुलेंस सेवा आदि शामिल है।
  • रोशनी प्रायोजन हेतु ग्रीन ऊर्जा (सोलर) का इस्तेमाल।
  • एक्सप्रेसवे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट की स्थापना और बारिश के पानी हेतु संचयन की सुविधा।
  • दो जगहों पर मंडी की स्थापना (कन्नौज और मैनपुरी), जहां से एक्सप्रेसवे तक पहुंचा जा सके।