उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण

यू पी डिफेंस कॉरीडोर

अलीगढ़ में 11 अगस्त 2018 को आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया कि डिफेंस उत्पादन में 3700 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा जिसके फलस्वरूप यह उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए एक बेहतर शुरुआत है। माननीय रक्षा मंत्री, भारत सरकार श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हम अपनी उत्पादन सुविधाओं का प्रयोग न करे के, विदेशों से विभिन्न सामग्रियों का आयात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ऐसी इकाइयों को संचालित व सक्रिय बनाने का लक्ष्य रखते हैं एवं साथ ही निजी इकाइयों को भी इससे जोड़ रहे हैं, जिससे आयात बिल में कमी लायी जा सके।” उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को निम्न कार्यों हेतु बतौर नोडल एजेंसी के रूप में चयनित किया है:

यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर हेतु सरकार द्वारा निम्न नोड्स को चयनित किया गया है:

  • डिफेंस कॉरिडोर हेतु भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्य।
  • भारत सरकार की रक्षा नीती के निर्देशों के अनुसार विशेष उद्देश्य वाहन (एसपीवी) के माध्यम से डिफेंस कॉरिडोर का निष्पादन, क्रियान्वयन एवं स्वामित्व का कार्य।

नोड्स के चयन हेतु मानदंड निम्न प्रकार हैं:

  • कनेक्टिविटि (रोड, रेल एवं हवाई)
    • आगरा– रेल व हवाई मार्ग से सुनियोजित रूप से जुड़ा हुआ
      • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ से जुड़ा हुआ
      • एनएच 509 के माध्यम से अलीगढ़ से जुड़ा हुआ
      • एनएच 44 के माध्यम से झांसी से जुड़ा हुआ
    • कानपुर – रेल व हवाई मार्ग से सुनियोजित रूप से जुड़ा हुआ
      • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे द्वारा आगरा से जुड़ा हुआ
      • एनएच 27 द्वारा लखनऊ से जुड़ा हुआ
    • चित्रकूट – रेल मार्ग से सुनियोजित रूप से जुड़ा हुआ। नजदीकी एयरपोर्ट बमरौली (प्रयागराज) 100 किमी दूर।
      • बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से अन्य नोड्स से जुड़ा हुआ
    • लखनऊ – हवाई व रेल मार्ग एवं लखनऊ एक्सप्रेस वे के माध्यम से सुनियोजित रूप से जुड़ा हुआ।
    • झांसी – रेल मार्ग से सुनियोजित रूप से जुड़ा हुआ। झांसी में एयरपोर्ट प्रस्तावित है।
      • एनएच 44 के माध्यम से आगरा से जुड़ा हुआ
    • अलीगढ़ – दिल्ली एवं आगरा से सड़क मार्ग के माध्यम से सुनियोजित रूप से जुड़ा हुआ। आगरा में संचालित एयरपोर्ट के अतिरिक्त जेवर (नजदीक में) में एयरपोर्ट प्रस्तावित
  • सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर (ऊर्जा, जल, भूमि)
  • भूमि का प्रकार
  • भूमि लागत
  • जनसांख्यिकीय प्रोफाइल
प्राधिकरण ने इस परियोजना की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 590 हेक्टेयर भूमि (भूमि का लगभग 66% भाग) झांसी व चित्रकूट में अधिग्रहित कर लिया है।